कुत्ते को खुजली सबसे ज़्यादा पिस्सू, एलर्जी, फंगल या यीस्ट इन्फेक्शन, और ड्राई स्किन की वजह से होती है। सबसे पहले पिस्सू की जाँच करें, फिर देखें कि खुजली कहाँ हो रही है। पंजे, कान और पेट पर खुजली आमतौर पर एलर्जी की तरफ़ इशारा करती है।
कई पेट पैरेंट्स महीनों तक बाहर की स्किन पर लगाने वाली चीज़ों में निकाल देते हैं। असली वजह कई बार अंदर होती है।
सबसे पहले पिस्सू चेक करें
फ्ली एलर्जी डर्मेटाइटिस भारत में आसानी से छूट जाने वाला कारण है, और इसे हटाना सबसे सस्ता भी है। एक ही पिस्सू का काटना संवेदनशील कुत्ते में कई दिनों की खुजली शुरू कर सकता है।
पिस्सू अक्सर दिखते नहीं हैं
इसकी जगह फ्ली डर्ट देखिए। कंघी को पूँछ के पास वाली जगह पर चलाइए और गीले सफ़ेद टिशू पर झाड़िए। काले कण जो लाल रंग छोड़ें, वो पचा हुआ खून है।
घर के सभी पालतू जानवरों पर दो महीने तक वेट की बताई पिस्सू की दवा चलाइए, उसके बाद ही एलर्जी वाला रास्ता सोचिए।
K9 Vitality के आँकड़े:
हमारे क्विज़ के हज़ारों डॉग हेल्थ असेसमेंट में पेट पैरेंट्स ने स्किन के लक्षण पाचन के लक्षणों से ज़्यादा बार बताए।
खुजली कहाँ हो रही है, ये सबसे बड़ा सुराग है
- पंजे, ख़ासकर उँगलियों के बीच। लगातार चाटने से सफ़ेद बालों पर जंग जैसा भूरा रंग आ जाता है
- कान, बार बार इन्फेक्शन के साथ
- पेट और बग़ल, जहाँ स्किन पतली होती है
- मुँह और आँखों के आसपास
- पूँछ की जड़, जो अक्सर पिस्सू की निशानी है
अगर आपका कुत्ता रात दो बजे एक ही पंजा चाट रहा है, तो वो आदत नहीं है। वो खुजली है।
मानसून और भारत का मौसम
बरसात में नमी सबसे बड़ी दुश्मन है। गीले पंजे, गीले बाल और स्किन की तह में फँसी नमी यीस्ट को बढ़ाती है।
पग, शिह त्ज़ु और बुलडॉग सबसे ज़्यादा परेशान होते हैं क्योंकि उनकी स्किन की तह में नमी सूखती ही नहीं।
दिल्ली और एनसीआर में सर्दियों में खिड़कियाँ बंद रहती हैं। नवंबर से फ़रवरी तक बढ़ने वाली खुजली की वजह सिर्फ़ पराग नहीं, घर की धूल (डस्ट माइट) भी हो सकती है।
घरेलू उपाय जो सच में काम आते हैं
हर वॉक के बाद पंजे पोंछिए
सुनने में मामूली लगता है। लेकिन यही वो एलर्जन हटाता है जिसे आपका कुत्ता शाम भर चाटने वाला है।
बिस्तर हर हफ़्ते गरम पानी में धोइए, और तेज़ ख़ुशबू वाला डिटर्जेंट मत इस्तेमाल कीजिए।
नहलाना बढ़ाइए मत
ज़्यादा शैम्पू स्किन की उस परत को हटा देता है जो पहले से कमज़ोर है।
जो काम नहीं करता
बालों पर नारियल तेल
ख़ुशबू अच्छी आती है, इम्यून सिस्टम वाली खुजली पर असर बहुत कम।
हर तीन हफ़्ते में खाना बदलना
असली फ़ूड ट्रायल आठ से बारह हफ़्ते एक ही नए प्रोटीन पर चलता है। बार बार ब्रांड बदलने से आपको कभी पता नहीं चलेगा कि क्या काम आया।
खाने में हल्दी
हल्दी का करक्यूमिन बिना फैट और सही फ़ॉर्मूलेशन के मुश्किल से अवशोषित होता है। चावल पर एक चुटकी वो नहीं कर रही जो आप सोच रहे हैं।
पेट और स्किन का कनेक्शन
तरुण ने अपने पग की खुजली और खुजलाने की समस्या के बारे में रिव्यू लिखा था।
उन्होंने प्रोबायोटिक शुरू किया, और जो बदलाव बताया वो स्किन पर था, खुजली में साफ़ सुधार। ऐसी कहानियाँ हमारे कुछ प्रोबायोटिक रिव्यू में भी मिलती हैं।
इम्यून सिस्टम का बड़ा हिस्सा आँतों के आसपास रहता है।
हमारे यहाँ प्रोबायोटिक ख़रीदने वाले ज़्यादातर लोग पाचन की वजह से नहीं आते। वो पंजे चाटने की वजह से आते हैं।
"My pug has recovered 70% better than before from its itching & scratching problem."
Tarun, verified customer via Judge.me
घर पर क्या नोट कीजिए
स्किन की दिक़्क़त धीरे बदलती है, और याददाश्त तेज़ी से। आठ हफ़्ते बाद आपको सच में याद नहीं रहेगा कि पहले हफ़्ते खुजली कितनी थी।
दस में से खुजली का स्कोर
हफ़्ते में एक बार, और हमेशा एक ही व्यक्ति स्कोर दे।
खुजली कहाँ है
पंजे, कान, पेट, पूँछ की जड़। जगह बदले तो कारण भी बदला हो सकता है।
एक फ़ोटो
वही जगह, वही रोशनी, वही समय। रोज़ देखने से आँख बदलाव पकड़ना बंद कर देती है, फ़ोटो नहीं।
और क्या बदला
नया खाना, नया शैम्पू, नया मौसम, कोई दवा। स्किन इन सब पर रिएक्ट करती है।
चार हफ़्ते का ये रिकॉर्ड आपके वेट के लिए साल भर की बातों से ज़्यादा काम का है।
रिसर्च क्या कहती है
एलर्जी वाली स्किन वाले कुत्तों पर ओमेगा 3 फैटी एसिड की स्टडी हुई है। 2004 की एक स्टडी में एटोपिक डर्मेटाइटिस वाले कुत्तों को दस हफ़्ते तक रोज़ फ्लैक्स ऑयल या EPA और DHA देने पर क्लिनिकल स्कोर बेहतर हुए, जबकि प्लेसीबो वाले कुत्तों में नहीं (Mueller et al., 2004)।
एक डबल ब्लाइंड क्रॉसओवर स्टडी में मरीन ऑयल ने खुजली, बाल झड़ना और कोट की क्वालिटी में साफ़ सुधार दिखाया (Logas & Kunkle, 1994)।
दोनों स्टडी की टाइमलाइन देखिए। एक में दस हफ़्ते, दूसरी में छह हफ़्ते। दो हफ़्ते के नतीजे की बात किसी में नहीं है।
हम क्या देते हैं
अगर खुजली के साथ पतला मल या गैस है, तो गट से शुरू कीजिए। हमारा Pre + Probiotics 12 स्ट्रेन और 4 बिलियन CFU प्रति स्कूप देता है, साथ में प्रीबायोटिक फ़ाइबर।
अगर कोट रूखा है, पपड़ी है और बाल ज़्यादा झड़ रहे हैं, तो हमारा Skin & Coat लीजिए, जिसमें EPA, DHA, बायोटिन, कोलेजन पेप्टाइड और ज़िंक समेत 17 एक्टिव हैं।
वज़न के हिसाब से मात्रा दीजिए:
| कुत्ते का वज़न | रोज़ की मात्रा |
|---|---|
| 11 किलो से कम | आधे स्कूप से कम |
| 11 से 26 किलो | 1 स्कूप |
| 27 से 45 किलो | 2 स्कूप |
| 46 किलो से ऊपर | 3 स्कूप |
नए कुत्ते को पहले सात से दस दिन आधी मात्रा दीजिए, फिर पूरी। चार महीने की उम्र से सुरक्षित है।
नतीजा कब दिखेगा
हमने 2,500 से ज़्यादा दोबारा ख़रीदने वाले ग्राहकों से पूछा कि फ़र्क़ कब दिखा। 10 में से 7 ने कहा 30 दिन के अंदर।
इस आँकड़े की एक शर्त है, और हम वो पहले ही बता देना चाहते हैं। ये वो लोग हैं जो दोबारा ख़रीदने आए। जिनके कुत्तों पर असर नहीं हुआ, वो इस सैंपल में कम हैं।
स्किन गट से धीमी होती है। कोट बालों के बढ़ने के चक्र से चलता है, इसलिए आठ से बारह हफ़्ते सही समय है।
कब वेट के पास जाएं (When to see a vet)
सप्लीमेंट स्किन को सपोर्ट करते हैं। वो बीमारी की पहचान नहीं करते। इन हालात में वेट के पास जाइए:
- खुली, रिसती या ख़ून वाली स्किन, या घंटों में फैलता हॉट स्पॉट
- स्किन या कान से तेज़ बदबू
- गोल चकत्तों में बाल झड़ना, जो मैंज या रिंगवर्म हो सकता है
- इतनी खुजली कि नींद टूटे, या चेहरे पर अचानक सूजन
- कान का इन्फेक्शन जो इलाज के बाद बार बार लौटे
- आठ हफ़्ते लगातार सप्लीमेंट के बाद भी कोई सुधार न हो
सप्लीमेंट स्किन और गट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। ये जाँच और इलाज का विकल्प नहीं हैं।
कुछ कुत्तों पर सप्लीमेंट का असर नहीं होता, और हम ये पहले बता देना बेहतर समझते हैं। हर K9 प्रोडक्ट पर 90 दिन की मनी बैक गारंटी इसीलिए है।
छोटी बात
पहले पिस्सू हटाइए, ओमेगा 3 से स्किन की परत को सपोर्ट कीजिए, खुजली के साथ पतला मल या गैस हो तो गट सपोर्ट भी जोड़िए, और आठ हफ़्ते दीजिए। कुछ न बदले तो वेट से पूरी जाँच कराइए।
आगे पढ़िए
- कुत्तों में स्किन एलर्जी: कारण और इलाज (English)
- पिस्सू से होने वाली एलर्जी (English)
- मानसून में कुत्ते की देखभाल (English)
लेखक: Aman Patial, Founder, K9 Vitality. K9 Vitality के सप्लीमेंट स्किन और गट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। ये किसी बीमारी का इलाज या रोकथाम नहीं करते।
Sources
- Mueller et al. (2004). Effect of omega-3 fatty acids on canine atopic dermatitis. PubMed PMID 15206474
- Logas & Kunkle (1994). Double-blinded crossover study with marine oil supplementation for canine pruritic skin disease. Veterinary Dermatology. PubMed PMID 34645070
- Merck Veterinary Manual. Atopic dermatitis. merckvetmanual.com